पंछी रे पंछी रे
panchi re panchi
पंछी रे पंछी रे
पंछी रे पंछी रे उडान हमका दै दे
हम भी उडे थोडा आसमान हमका दै दे
तन हमारे है हिरन, मन हमारे है पवन
उछले हम इधर उधर जैसे नदिया की लेहर
फुल बन के झुले हम, डाल बन के झुमे हम
हम भी हसे फुलो सी मुसकान हमका दै दे
कुहू कुहू गायेंगे बन के हम कोयलिया
छू के हम भी देखेंगे सोने सी मछलिया
रोशनी मे जायेंगे बन के कुछ दिखायेंगे
बेजुबान हम है अब जुबान हमका दै दे