संघर्ष की राह पर
Sangharsh ki raah par
संघर्ष की राह पर, चलना है साथियों
बंधन सब तोड़ने हैं अब, लड़ना है साथियों
कितनी आशाओं की किरणें यहां हैं
गम के और आंसुओं के बादल यहां हैं
कितने मासूमों ने सहे यहां पर
मृत्यु और अपमान झेले हैं लांछन
कितने हैं तूफ़ान, कितने अंधेरे
इस राह पर आज छाए घनेरे
संघर्ष की राह पर...
मुश्किल भरा ये अपना सफ़र है
कितनों के खूनों से रंगी डगर है
नई सुबह होगी, नई उमंग है
मुक्ति जुलूसों की उठती तरंग है
रास्ता यही है नए जीवन का
हर घर से आवाहन, रास्ता यही है
संघर्ष की राह पर...