साथियों, आगे ब़ढो
sathiyom, age ba़dho sathiyom, age ba़dho sAthiyoM, Age ba़Dho | साथियों, आगे ब़ढो
साथियों
आगे ब़ढो, आगे ब़ढो, आगे ब़ढो
तुम सूर्य के रथ पर च़ढो
नवशक्ति से, नवशौर्य से
तुम मुक्ति का सद़्पथ ग़ढो
साथियों, आगे ब़ढो...
ऊष्मा तुम्हारे रक्त की
पिघला सके यह हिमशिला
यूं एकजुट हो त़ोड दो
तुम दासता का सिलसिला
साथियों, आगे ब़ढो...
बस, यों कि ट़ूटे बेडियां
बस, यों कि जीवन हंस उठे
जीवन नया सिरजो
करो संघर्ष, अंधियारा छंटे
साथियों, आगे ब़ढो...
- शशि प्रकाश