जाम करो मिल के
jama karo mila ke jama karo mila ke jAma karo mila ke | जाम करो मिल के
जाम करो मिल के ये शोषण का पहिया
मालिकों से ल़डने को एक हो जा भैया
तेरी ही कमाई पे ख़डे ये कारखाने
तुझको ही मिलते ना पेटभर दाने
गिध्दों के जैसा तुझसे मालिक का रवैया
मालिकों से...
हमसे न कम होगी मालिकों की दूरी
खून चूस-चूस के जो देता है मजूरी
अपनी नैया के हम ही खिवैया
मालिकों से...
अपने दिलों में सदा उनके ही गीत
चाहते हैं बदलना जो दुनिया की रीत
सीने में हमारे जिंदा किश्ता-भूमैया
मालिकों से...
- ब्रजमोहन