आ रे नौजवान
a re naujavana a re naujavana A re naujavAna | आ रे नौजवान
आ रे नौजवान
आ रे नौजवान तेरी बेडियां रही हैं ट़ूट
क्रान्ति का नया कदम ब़ढा
ब़ढ रहा है आज तेरा कारवां
सर झुका रहा जमीं को आसमां
राह की सफों को तूने कर लिया है पार
सामने की मंजिलें रहीं तुझे पुकार
उठ गुलामऽऽ उठ गुलाम
उठ गुलाम जिन्दगी के बन्धनों को त़ोड दे
चल सुबह की रोशनी में डगमगाना छोड दे
आ रे नौजवान...
अब सुना न जुल्म की कहानियां
दांव पर लगा दे नौजवानियां
खत्म हो चली हैं ऐशो-हुक्मरानियां
खत्म हो चली हैं ये वीरानियां
उठ गुलामऽऽ उठ गुलाम
उठ गुलाम जिन्दगी के बन्धनों को त़ोड दे
चल सुबह की रोशनी में डगमगाना छोड दे
आ रे नौजवान...
- इप्टा