अमन के हम रखवाले
amana ke hama rakhavale amana ke hama rakhavale amana ke hama rakhavAle | अमन के हम रखवाले
अमन के हम रखवाले सब एक हैं, एक हैं
जुल्म से ल़डने वाले, सब एक हैं, एक हैं
हम कोरिया में हम हैं हिंदुस्तान में
हम रूस में हैं हम हैं पाकिस्तान में
हम अमरीका में अफ्रीका में चीन में
हम हैं दुनिया के हर सच्चे इन्सान में
हम क्या गोरे क्या काले, सब एक हैं, एक हैं
जुल्म से ल़डने वाले सब एक हैं, एक हैं
अमन के हम रखवाले...
हम अजन्ता और ताज के फनकार हैं
हम पेरिस के और रोम के श्रृंगार हैं
हम चलती फिरती स़डकों की रफ्तार हैं
हम हंसते गाते कारखानों के गीत हैं
हम जीवन के उजियारे, सब एक हैं, एक हैं
जुल्म से ल़डने वाले सब एक हैं, एक हैं
अमन के हम रखवाले...
हम बच्चों की मुस्कान बेचते नहीं
हम मांओं के अरमान बेचते नहीं
इस एटम के और डॉलर के बाजार में
हम इन्सानों की जान बेचते नहीं
आजादी के मतवाले, सब एक हैं, एक हैंग्न
जुल्म से ल़डने वाले, सब एक हैं, एक हैं
अमन के हम रखवाले...
इन बस्तियों को जगमगाना है सदा
इन खेतियों को लहलहाना है सदा
उठाओ साज गाओ गीत अमन के
कि जिन्दगी के गीत गाना है सदा
हम मौत पे हंसने वाले, सब एक हैं, एक हैं
जुल्म से ल़डने वाले, सब एक हैं, एक हैं
अमन के हम रखवाले...
- इप्टा