भागो मत, दुनिया को बदलो
bhago mata, duniya ko badalo bhago mata, duniya ko badalo bhAgo mata, duniyA ko badalo | भागो मत, दुनिया को बदलो
भागो मत, दुनिया को बदलो
मत भागो, दुनिया को बदलो
कल भी तुम्हारा था
कल भी तुम्हारा है
सब मिलजुलकर बाजू कस लो
भागो मत...
मुठ्ठी भर उजियारा ले कर चलो
सारा जग उजियारा हो जाएगा
हंसकर गले मिल गये तो जीवन
फूलों के झरनों में धुल जाएगा
भागो मत...
अंजुरी भर दानों से बोओ फसलें
हर कोने हरियाली मुस्काएगी
जब हम बांटेंगे सूरज की फसलें
एक रोज ऐसी सुबह आएगी
भागो मत...
- विवेक प्रियदर्शन