मिल के चलो
mila ke chalo mila ke chalo mila ke chalo | मिल के चलो
मिल के चलो, मिल के चलो, मिल के चलो
चलो भाई, मिल के चलो, मिल के चलो, मिल के चलो
ये वक्त की आवाज है, मिल के चलो
ये जिन्दगी का राज है, मिल के चलो
मिल के चलो...
आज दिल की रंजिशें मिटा के आ
आज भेदभाव सब भुल़ा के आ
आजादी से है प्यार जिन्हें देश से है प्रेम
कदम कदम से और दिल से दिल मिला के आ
मिल के चलो...
ये भूख क्यूं ये जुल्म का है जोर क्यूं, जोर क्यूं, जोर क्यूं
ये जंग-जंग-जंग का है शोर क्यूं, शोर क्यूं, शोर क्यूं
हर इक नजर बुझी-बुझी हरेक दिल उदास
बहुत फरेब खाये अब फरेब और क्यूं
मिल के चलो...
जैसे सुर से सुर मिले हों राग के, राग के, राग के
जैसे शोले मिल के ब़ढें आग के, आग के, आग के
जिस तरह चिराग से जले चिराग
ऐसे चलो भेद तेरा मेरा त्याग के
मिल के चलो...
- प्रेम धवन