तू ज़िंदा है तो ज़िंदगी की जीत पे यक़ीन कर
Tu Zinda Hai tu jinda hai tu zinda hai
तू ज़िंदा है तो ज़िंदगी की जीत पे यक़ीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
ये ग़म के और चार दिन, सितम के और चार दिन
ये दिन भी जाएँगे गुज़र, गुज़र गए हज़ार दिनकभी तो होगी इस चमन पे भी बाहर की नज़रअगर कहीं है स्वर्ग तो...
सुबह-ओ-शाम के रँगे हुए गगन को चूमकर
तू सुन ज़मीन गा रही है कब से झूम-झूम कर
तू आ मेरा सिंगार कर, तू आ मुझे हसीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो...
हमारे कारवाँ को मंज़िलों को इंतज़ार है
ये आँधियों, ये बिजलियों की पीठ पर सवार है
तू आ कदम मिलाके चल, चलेंगे एक साथ हमअगर कहीं है स्वर्ग तो...
हज़ार रूप धर के आई मौत तेरे द्वार पर
मगर तुझे न छल सकी, चली गई वो हार कर
हर एक सुबह के संग सदा, तुझे मिली नई उमरअगर कहीं है स्वर्ग तो...
तू ज़िंदा है