वो डरते हैं
woh darte hai wo darte hai
वो डरते हैं इतिहास से
वो डरते हैं तर्क से
वो डरते हैं इंकलाब से
वो डरते हैं साथियों
वो हमारे कदमों से डरते हैं,
हमारे नारो से डरते हैं
जनता कि चेतना से डरते हैं
वो क्रांती के नगाडों से डरते हैं
वो हमारे गीत क्यों रोकना चाहते हैं
वो हमारे गीत क्यों रोकना चाहते हैं
खामोशी तोड़ो वक्त आ गया
हम अपनी धुन में गा रहे हैं, वो हैरान क्यों
हम अपने गीत गा रहे हैं, वो नाराज क्यों
वो डरते हैं ज़िंदगी से, वो डरते हैं मौत से
वो डरते हैं सपनों से, वो डरते हैं साथियों
वो हमारे कदमों से डरते हैं, हमारे इरादों से डरते हैं
जनता कि चेतना से डरते हैं,वो क्रांती के नगाडों से डरते हैं